Hindi And English Shayari

 

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सौ गुना बढ़ जाती है खूबसूरती,
महज़ मुस्कराने से,

फिर भी बाज नही आते लोग,
मुँह फुलाने से ।

ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है ,
जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये,

ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये..

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होश का पानी छिड़को मदहोशी की आँखों पर,
अपनों से ना उलझो गैरो की बातों पर।???

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जब तक साँस है, टकराव मिलता रहेगा।

जब तक रिश्ते हैं, घाव मिलता रहेगा।

पीठ पीछे जो बोलते हैं, उन्हें पीछे ही रहने दे।

अगर हमारे कर्म,
भावना और रास्ता सही है तो,
गैरों से भी लगाव मिलता रहेगा

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Rishton ki ye duniya hai niraali…,
Sab rishton se pyaari hai dosti tumhaari…;
Manzoor hain aansun bhi aakhon mein hamare…,
Agar aa jaaye muskaan hothon pe tumahaari

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Teri Aankho Me Dekha Hai Ek Suroor
Ae Haseena lazmi Hai Tera Guroor
Par Ek Baat Yaad Rakhna Ae Hujoor
Aashiq Hai Hum Mahobbat Karenge Jaroor

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Tamam umar zindagi se door rahe,
Teri khushi ke liye tujse door rahe,
Ab is se badkar wafa ki saza kya hogi,
Ki tere hokar bhi tujse door rahe …

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Kaash koi khushiyon ki dukaan hoti
Aur mujhe uski pehchaan hoti
Khareed leta har khushi aapke liye
Chahe uski keemat meri jaan bhi hoti..!

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Pyar koi barish ka nam nhi
Jo barse aur tham jaaye
Pyaar suraj bhi nahi ,
Jo chamke aur doob jaye
Pyar to naam hai saans ka
Jo chale toh zindagi aur
Ruke toh maut ban jaye..!

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Kabhi hum pe wo jan diya karte the,
Jo hum kehte the wo maan liya karte the,
Aaj pas se anjaan banke guzar gaye,
Jo dur se hume pehchan liya kerte the..!

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: उसके साथ जीने का एक मौका दे दे ऐ खुदा,

तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे.

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मुझसे अपने रिश्तो का मोल ना पूछना कभी

आपसे किसने कहा कि
पेड छाँव बेचते है
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…जिन्दगी भर मेरा- मेरा- मेरा किया….
…अपने लिए कम,
अपनों के लिए ज्यादा जीया… …
…कोई न देगा साथ…जायेगा खाली हाथ….
…क्या तिनका ले जाने की भी है हमारी औकात ???….
*ये है हमारी औकात*

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बहुत ही सुंदर लिखा हे एक लेखक ने
??जन्म क्या है ?………..
एकमात्र वो दिन जब आपके रोते ही माँ मुस्कुराई ,,,
उस दिन के बाद सृष्टि ने वो दिन नहीं देखा,,,,
जब आपके रोने पर माँ मुस्कुराई.

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फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में,
फर्क होता है किस्मत और लकीर में,
अगर कुछ चाहो और न मिले तो
समझ लेना कुछ और अच्छा लिखा है तक़दीर में !!

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? *मन* ऐसा रखो कि
किसी को *बुरा* न लगे। ?

? *दिल* ऐसा रखो कि
किसी को *दुःखी* न करें।

*रिश्ता* ऐसा रखो कि
उसका *अंत* न हो ?

*कोई भी व्यक्ति हमारा मित्र या

शत्रु बनकर संसार में नही आता..

हमारा व्यवहार और शब्द ही

लोगो को मित्र और शत्रु बनाते है…!*

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कितना ही सुलझ जायें,,अपने से हम …
ये जिंदगी अपनी बातों में हमें,,कभी-कभी उलझा ही लेती है

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जिंदगी आसान नहीं होती,
इसे आसान बनाना पड़ता है…..

..कुछ ‘अंदाज’ से,
कुछ
‘नजर अंदाज ‘से!!

” मशहूर होने का शौक किसे है….
अपने ही ठीक से पहचान लें…
काफी है….!!”

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चंद पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के.

ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया…

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निगाहों से भी चोट लगती है.. जनाब..
जब कोई देख कर भी अन्देखा कर देता है..!!

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✍?✍? आज फिर देखा किसी ने “मोहब्बत” भरी “निगाहों” से…!!
✍?✍? एक बार फिर तेरी ख़ातिर हमने “निगाहें” झुका ली…!!
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में तो चिराग हू तेरे आशियाने का
कभी ना कभी तो बुझ जाऊंगा …

आज शिकायत है तुझे मेरे उजाले से
कल अँधेरे में बहुत याद आऊंगा …
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_*??तमाम गिले-शिकवे भुला कर सोया करो यारो,,*_
_*सुना है मौत किसी को मुलाक़ात का मौका नही देती??*_

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??वो कहते थे हमारी मुस्कान बहुत अच्छी है..
वो सच ही कहते थे इसिलए तो
अपने साथ वो हमें नहीं पर हमारी मुस्कान ले गये।??
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अपने *खिलाफ* बातों को अक्सर मैं *ख़ामोशी* से सुनता हूँ
क्योकि *जवाब* देने का हक़.. मैंने *वक़्त* को दे रखा है..

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पत्थर में एक ही कमी है कुछ भी करों….
वह पिघलता नहीं…?
लेकिन
उसकी एक ही खूबी है वह कभी बदलता भी नहीं…??

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कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही…

*जो जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.

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